Reply – Re: हमे तुमसे प्यार कितना,,,
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Re: हमे तुमसे प्यार कितना,,,
— by विजया केळकर विजया केळकर
              मैत्री, मैत्री  असते . निर्भेळ .    हे समजणे आवश्यक .
            प्रेम हे मित्र-प्रेम आहे की प्रियकर-प्रेयसीचे ही आकलन शक्ती भक्कम हवी .
               रंग भरता आला असता आणखी